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फीर वो रोने लगी और कहा की क्या बताऊ वो ठीक तरह से नही कर पाते. वो चोक गई, वैभव ने कहा इसमे कोई बुराई नही है सभी ऐसे ही करती है. फीर उसने कहा आप बे फीक्र हो जाइये कीसी को कानो कान खबर नही होगी. उसने हमे बताया की मेने नहाया और केवल पाजामा और टी शर्ट पहन कर उसके घर गया. Usne aik deen jaan boojh kar office se chhuttee le lee. Phir wo rone lagee or kaha kee kya bataau wo theek tarah se nahee kar paate. Wo chok gai, vaibhav ne kahaa isme koi buraai nahee hai sabhee aise hee kartee hai. Phir usne kahaa aap be fikr ho jaiye keesee ko kaano kaan khabar nahee hogee. Agle saptah theek usee deen wo ghar par office se chhuttee le kar aayaa. मेरे दोस्त ने कहा मी जनता था की यही बात होगी.उसने कहा भाबी अब आप साफ साफ बताओ की क्या वो आपको वो ख़ुशी पूरी तरह नही दे पाते . दुसरे सप्ताह मे आपके घर पर आऊँगा और आपको वो सब प्यार दूंगा बास आप तैयार रहना.अगले सप्ताह ठीक उसी दीं वो घर पर ओफीस से छुट्टी ले कर आया. वो आह ऊह करती रही, फीर क्या था दोनो मी छूत की चुदाई का काम जोरो से चलने लगा.वैभव ने उसकी पत्नी को पूरी तरह से छूत के चुदाई के मजे दीला दीये. Vaibhav ne uskee biwee ko bahut baar gumsum dekha jese wo apne patee se khush nahee hai. Usne kahaa bhabee ab aap saaf saaf bataao kee kya wo aapko wo khushee pooree tarah nahee de paata. Doosre saptah me aapke ghar par aaungaa or aapko wo sab pyaar doonga baas aap tayaar rahnaa." "हां" "मेरे ख्याल से तो आप थोड़ा तेल लगा लो, जल्दी आराम मिल जायेगा" "कौन सा तेल लगाऊं" "वो ही, जो बोडी ओयल मेरे पास है" "चल ले आ" मैं अपने कमरे से जाकर तेल ले आया। मम्मी ने अपनी शलवार ऊपर उठा ली लेकिन वो घुटने से ऊपर नहीं उठ पयी। मैने कहा "अगर आपको ऐतराज़ न हो तो मैं ही लगा दूं" इतने में फोन की बेल बजी। फोन पे पापा ने कहा कि वो आज खाना खाने नहीं आयेंगे। "किसका फोन था" " पापा का था कि वो खाना खाने नहीं आ रहे" "अच्छा" "तेल लगा दूं?

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हाय, मेरा नाम सुमित है। मुझे अभी तक यकीन नहीं होता जो मैं लिखने जा रहा हूं। ३ दिन पहले मेरे साथ ऐसा एक्सपेरिएंस हुआ जो मैं सोच भी नहीं सकता था। हुआ यूं कि मेरी पूरी फ़ेमिली (मेरा संयुक्त परिवार है) किसी शादी पे दो दिन के लिये चली गयी। घर सिर्फ़ पापा, मम्मी और मैं था। सुबह पापा भी ओफ़िस चले गये। मम्मी कामवाली के साथ काम करने लगी और मैं अपने कमरे मैं स्टडी करने चला गया। करीबन दपहर एक बजे कामवाली चली गयी। मैं स्टडी कर रहा था के मुझे मम्मी की आवाज़ अयी। मैं कमरे के बाहर गया तो देखा कि मम्मी फ़र्श पर गिरी पड़ी थी। मैने फ़ौरन जाकर मम्मी को उठाया और पूछा "क्या हुआ" "फ़र्श पर पानी पड़ा था, मैने देखा नहीं और गिर गयी" "चोट तो नहीं लगी" "टांग मुड़ गयी" "हल्दी वाला दूध पी लो" "नहीं, उसकी ज़रूरत नहीं। बस टांग में दर्द हो रहा है, लगता है नश पे नश चढ़ गयी है" "थोड़ी देर लेट जाओ" "मुझसे चला नहीं जा रहा, मुझे बस मेरे कमरे तक छोड़ आ" "आराम से लेट जाओ और अब कोई काम करने की ज़रूरत नहीं है" "हाय रे, टांग हिलाई भी नहीं जा रही" "मैं कुछ देर दबा दूं क्या" "दबा दे" मैने टांग दबानी शुरू की। मैं पूरी टांग दबा रहा था, पैर से लेकर जांघ तक "कुछ आराम मिल रहा है?

ये वैभव और उसके दोस्त की बीवी की चुदाई की सच्ची काहानी है. उसका वह एक दोस्त बन गया Mr R( not real name) और वो भी पक्का. वैभव ने उसकी बीवी को बहुत बार गुमसुम देखा जेसे वो अपने पती से खुश नही है. Pheer dheere dheere dono me pyaar kee baatai hone lagee. Wo saham gayee par pheer usne uskee hoto kee dubaara chhummee lee, usne apnee aankhe band kar lee. aik do minute tak wo dono chumaa chaatee karte rahe.

Mr R ने उसकी मुलाकात अपनी बीवी से करवाई.फीर उसका हर सन्डे को उनके यह आना जान हो गया. वैभव ने कहा की आज कल ऐसी बहूत सी ओरत है जीन्के साथ यह प्रॉब्लम है पर वो तो ऐसे नही रोंती. Vaibhav ne kaha kee aaj kal aisee bahoot see orat hai jeenke saath yah problem hai par wo to aise nahee rotee. Usne hame batayaa kee mene nahayaa or sift paajaamaa or T shirt pahan kar uske ghar gaya. Uskee beewee ne gate khola or use under bulaa liya.

अप वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी.अब उनसे उसका पेटीकोट और फीर चड्डी उतार दी वो पूरी तरह से नंगी हो गयी थी. फीर दोनो मी कुछ देर तक चुम्मा चाट, चूचे दबाना और उन्गल बाजी करना होता रहा .

फीर कुछ देर बाद वैभव ने उसकी ब्रा उतारी और उसके चूचो को चूसने लग गया, दबाने लग गया.

Vaibhav ne uske choocho ko maslaa or wo aahe bharne lagee.

Pheer kuch der baad vaibhav ne uskee bra utaaree or uke choocho ko choosne lag gaya, dabaane lag gayaa. Ab unse uska peteekot or phir chaddee utaar dee wo pooree tarah se nangee ho gayee thee. Pheer dono me kuchh der tak chumma chaate, choochee dabana or ungal baajee karnaa hota raha.

" "नहीं मम्मी, आप पहले से ज्यादा सेक्सी लगने लगी हो? " "हां, मम्मी मैने आज तक इतनी चिकनी हिप्स नहीं देखी, क्या मैं आपकी हिप्स पे किस कर सकता हूं? " "बता" मैंने फिर से पैंटी के ऊपर से मम्मी की चूत को चूमा। मम्मी ने कहा "आआह्हह्हह्हह्हह्हह.....ईईएस्सस्सस्सस्सस्सस्स...बेटा मेरी चूत को थोड़ा और चूम" "कच्छी के ऊपर से ही?

" "क्या" "प्लीज़ मम्मी, बस एक बार" "पर किसी को बताना मत" "बिल्कुल नहीं बताऊंगा" मैं मम्मी की हिप्स पे किस करने लगा और जीभ से चाटने भी लगा "बेटे कम्बल निकाल दे" मैंने कम्बल निकाल दिया "मम्मी आपकी हिप्स के सामने तो अमूल बटर भी बेकार है" "अच्छा" "मम्मी मैं एक बार आपकी धूनी(नाभि) पे किस करना चाहता हूं" "नहीं, तूने हिप्स पे कहा था और वो मैंने करने दिया और तूने तो उसे चाटा भी है, अब और नहीं" "प्लीज़ मम्मी, जब हिप्स पे कर लिया तो धूनी से क्या फ़र्क पड़ता है? " "मैं तो आपकी जांघों को भी चूमना चाहता हूं, आपकी जांघों की शेप किसी को भी ललचा सकती है, आपकी कच्छी(पैंटी) आपकी कमर पे इतनी अच्छी तरह फ़िट हो रही है के मैं बता नहीं सकता, आपकी जांघें देख कर तो मेरे मुँह में पानी आ रहा है, क्या मैं आपकी जांघों पे भी किस कर सकता हूं? " "हम्मम्मम...निकाल दे" अब मम्मी बिना शलवार के थी। फिर मैं मम्मी की धूनी को चाटने लगा। मम्मी ने अपनी आंखें बंद कर ली। फिर मैं मम्मी की जांघों को दबाने, चूमने और चाटने लगा।फिर मैने एक चुम्मा पैंटी के ऊपर से ही मम्मी की चूत का लिया "अह्हह, बेता, ऊउस्सस्सशह्हह्हह्हह..यह क्या..अच्छा लग रहा है" "मम्मी मैं आपकी चूत चखना चाहता हूं" "क्या चखना चाहता है? " "नहीं, कच्छी निकाल दे" मम्मी के इतना कहने की देर थी कि मैंने कच्छी निकाल दी और मम्मी की चूत को चाटना शुरु कर दिया। मम्मी सिसकने लगी "ईईएस्सशह्हह्हह्ह...आआआह्हह्हह..बेटा। बहुत आनन्द आ रहा है। मेरी चूत पे तेरी जीभका स्पर्श कमाल का मज़ा दे रहा है" मैं कुछ देर तक मम्मी की चूत चाटता रहा। इतने सब होने के बाद तो मेरा लौड़ा भी तैयार था "मम्मी अब मेरा लौड़ा बेचैन हो रहा है" "लौड़ा क्या होता है" मैंने अपना पैंट उतार कर अपना लौड़ा मम्मी के सामने रख दिया और बोला "मम्मी इसे कहते हैं लौड़ा" "हाय माँ..तू इतना गंदा कब से बन गया कि अपना यह..क्या नाम बताया तूने इसका" "लौड़ा" "हां, लौड़ा, की अपना लौड़ा अपनी ही माँ के सामने रख दे" "माँ मेरा लौड़ा मेरी माँ की चूत के लिये मचल रहा है" "लेकिन बेटे माँ की चूत में उसके अपने बेटे का लौड़ा नहीं घुस सकता" "लेकिन क्यों माँ? " "मैं तेरी मा हूं" "मेरी माँ होने से पहले तू क्या है" "इंसान" "और उसके बाद?

I was living then very busy life and mom specially took care of my friends, books and activities, frankly believe it that I have never masturbated till then because I was not aware of sexuality nor I have seen any movie or read book about it.

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